पूरन मौर्य सामाजिक
मानव सेवा संस्थान भूमि दाता
श्री पूरन सामाजिक - मानवता और उदारता के स्तंभ
ग्वारखेड़ा गांव निःस्वार्थ सेवा और सामुदायिक समर्पण का एक चमकता हुआ उदाहरण है। श्री पुरण सामाजिक द्वारा मानव सेवा संस्थान के लिए 2.5 बीघा भूमि का दान एक असाधारण कार्य है, जो बुजुर्गों और निराश्रितों के कल्याण के प्रति उनके अटूट समर्पण को दर्शाता है।
“सच्ची सेवा वही है जो बेसहारों को संबल दे” — इस सिद्धांत में विश्वास रखते हुए, श्री पुरण सामाजिक ने न केवल अपनी भूमि समर्पित की, बल्कि संस्थान की यात्रा का सक्रिय हिस्सा भी बने। उनके इस उदार योगदान ने मानव सेवा संस्थान को एक स्थायी आश्रय स्थल प्रदान किया और निराश्रित बुजुर्गों को सुरक्षित छत देने का सपना साकार किया।
उनके इस महान कार्य से ऐसे अनेक बुजुर्गों का जीवन बदला है, जिनका इस दुनिया में कोई सहारा नहीं था। आज वे सभी सम्मान, सुरक्षा और स्नेहपूर्ण वातावरण में अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं।
श्री पुरण सामाजिक आज भी समाज में दूसरों को प्रेरित करते हैं कि वे स्वार्थ से ऊपर उठकर समाज सेवा के मार्ग पर चलें। उनका यह योगदान मानव सेवा संस्थान के इतिहास का एक अमिट अध्याय बन चुका है।